करुणानिधि: एक प्रेम पुजारी भी

दिवंगत करुणानिधि को दयालू मुख्यमत्री, गरीबों का मसीहा, तमिलनाडू के पितामह , ंिहंदी का घोर विरोधी और द्रविड आंदोलन का स्तंभ आदि आदि के रूप में हम सभी जानते हैं।

हम यह भी जानते हैं कि करूणानिधि दिल्ली में बहुत कम आने के बावजूद केंद्र की राजनीति की धुरी हमेशा ही रहे हैं। लेकिन कम ही लोगों को मालूम हैं कि करूणानिधि प्रेम के भी बड़े पुजारी थे।

उन्होंने प्रेम और विवाह के सभी संभावित तरीकों को इतर प्रेम संबंध बनाए और अपने तरीके से निभाएं। करुणानिधि की पहली शादी 1940 में पदमावती के साथ हुई।


यह विवाह पारिवारिक संबधों और परंपराओं के अनुसार ही हुई लेकिन उनकी यह पहली पत्नी शादी के चार साल बाद ही चल बसीं। करूणानिधि और पदमावतीकी एक ही संतान थी, बेटा मुत्थु। जो बाद में तमिल फिल्मों के अभिनेता और गायक बने।

लेकिन एमवी मुत्थु की अपने बात करुणानिधि से ही नहीं बनी और वह राजनीति मे करुणानिधि के धुर विरोधी जयललिता की पार्टी एआईडीएमके के साथ जुड़ गए।

पदमावती के निधन के बाद करूणानिधि ने दयालुअम्मा नाम की महिला के साथ दूसरी शादी 1944 में कर ली। लेकिन इस शादी से की करुणानिधि का प्रेम पिपासा पूरा नहीं हुआ।

60 के दशक में मुख्यमंत्री के बनने के बाद एक चुनाव प्रचार के दौरान एक राजाथीअम्मा नाम की महिला से उनको ंप्यार हो गया। और उनके साथ भी शादी बना लिया। तब तक करुणानिधि की डीएमके तमिलनाडू में अपनी जड़े जमा चुुकी थी।

द्रविड़ आंदोलन के साथ साथ समाज सुधार आंदोलन भी शुरू हो गया था। डीएमके ने तब परंपरागत शादी के खिलाफ अभियान चलाया था। यानी ना दहेज, ना बाजा , ना बाराती और ना बड़ों के आशीर्वाद की जरूरत। बस शादी का कोर्ट में रजिस्ट्रेशन और मिया बीवी का अपने आत्मसम्मान के साथ जीवन बसर। इस शादी का डीएमके ने नाम रखा- स्वयं मर्यादा क्लयाणं।

अंगेजी में कहें तो सेल्फ रिस्पेक्ट और हिंदी में आत्म सम्मान। करूणानिधि ने अपनी तीनों शादियों का अलग अलग नाम दिया। उन्होंने पदमावती को कहा अपनी पत्नी। दयालुअम्मा को कहा कैंपनेयिन यानी सहयोगी-साथी और इसी बीच 1968 में जब कन्नीमोझाी का जन्म हुआ तो खुद करुणानिधि ने राजाथीअम्मा को कहा था मेरी बेटी की माॅ। करुणानिधि की तीनों पत्नियों से बच्चे हुए।

पदमावती का एक बेटा मुत्थु तो दयालुअम्मा से चार बच्चे। अल्लागिरि, स्तालिन, बेटी सेल्वी और बेटा तमिलारासन। राजाथीअम्मा से एक बेटी जो इस समय राज्यसभा में सांसद हैं कन्नीमोझी।

तीन तीन शादियों के बावजूद करुणानिधि का पारिवारिक झगड़ा बाहर नहीं आया। अभी भी उनके साथ जीवित पत्नियां दयालुअम्मा और राजाथीअम्मा एक ही घर में रहती हैं। कहते हैं कि करुणानिधि ने अपनी पत्नियों के बीच जबर्दस्त सामंजस्य बिठा रखा था। सुबह के समय एक के साथ होते थे, तो शाम को दूसरे के साथ।

विक्रम उपाध्याय बिग वायर हिंदी के संपादक हैं